हम चारों तरफ से टेक्नोलाॅजी से घिरे हुए हैं। चाहे वो लैपटाॅप हो या कंप्यूटर, स्म्क् ज्ट हो या कैमरा, हमारे पास बहुत तरह की सुविधाएं हैं लेकिन जब भी बात आती है स्मार्ट फोन यानी मोबाइल फोन की तो हमें उसमें सबसे बेस्ट उसकी डिस्प्ले और उसका कैमरा चाहिए होता है। कोई भी व्यक्ति सबसे पहले फोन में यही दोनों चीज चेक करता है, उसके बाद ही तय करता है की फोन कैसा है?
अब हम बात करें कैमरा की तो हमें सबसे पहले जो चीजें देखनी चाहिए, वो है इसके पिक्सेल क्योंकि कैमरे के पिक्सेल पर ही उसकी फोटो क्वालिटी निर्भर करती है। जितनी अच्छी और ज्यादा पिक्सेल का हमारा कैमरा होगा उतनी ही अच्छी हमारी फोटो आएगी और हम सभी को बड़े गर्व से अपना फोन दिखा सकेंगे।
पिक्सेल क्या है –
पिक्सेल को पिक्चर एलिमेंट भी कहा जाता है। बहुत सारे छोटे-छोटे डाॅट्स से मिलकर एक स्क्रीन तैयार होती है और इन्हीं छोटे-छोटे डाॅट्स को पिक्सेल कहा जाता है। जब हम एक मैट्रिक्स में लाखों करोड़ों पिक्सेल को डालते हैं तब एक स्क्रीन तैयार होती है। बहुत सारे पिक्सेल एक साथ जुड़ जाते हैं तो एक पिक्चर बनाते हैं जो कि हमारी स्क्रीन पर दिखाई देती है।
पिक्सेल का साइज बहुत ही छोटा होता है। किसी भी तरह की फोटो हो या चित्रा वो पिक्सेल की मदद से ही बना होता है। जितनी ज्यादा और अच्छी पिक्सेल होती है, हमारी फोटो उतनी ही साफ और अच्छी दिखाई देती है। आपने शायद सुना भी होगा कि जितना पिक्सेल का आपका कैमरा होता है उतनी ही साफ और क्लियर आपकी पिक्चर आती है। हर एक पिक्सेल की इंटेंसिटी अलग होती है इसीलिए पिक्चर भी अलग होती है।
पिक्चर की क्वालिटी में फर्क केवल पिक्सेल से नहीं आता है। सेंसर भी फोटो की क्वालिटी खराब या अच्छी कर सकता है। अगर कैमरा ज्यादा पिक्सेल का है लेकिन आपका सेंसर छोटा है तब भी फोटो अच्छी नहीं आएगी इसीलिए कैमरे में पिक्सेल के साथ सेंसर का भी ध्यान रखें।
जब हम रंगीन पिक्सेल की बात करते हैं तो उसमें तीन रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। रेड-ग्रीन-ब्लू इन्हें त्ळठ भी कहा जाता है। इसकी जरूरत हमारी पिक्सेल जो किसी भी रेंज में हो उन्हें चमकाने के लिए जरूरत पड़ती है। सभी मोबाइल फोन की पिक्सेल्स अलग-अलग होती हैं।
यह हम पर निर्भर करता है कि हम किस क्वालिटी की पिक्सेल का मोबाइल खरीदते हैं। कुछ में लो पिक्सेल होती है तो कुछ में हाई। ज्यादातर मोबाइल फोन 320ग्480 पिक्सेल के होते हैं। इनमें बहुत ही कम एरिया में बहुत सारी पिक्सेल के ही जगह आ जाती है जिससे हमारे लिए किसी एक पिक्सेल को देखना बहुत ही मुश्किल हो जाता है।
जब भी आप कोई कैमरा या मोबाइल फोन को बाजार से खरीदने जायें तो उसकी पिक्सेल एक बार जरूर जांच लें। जैसा कि अब आपके पास पिक्सेल के बारे में भरपूर जानकारी है तो आपको इस जानकारी का फायदा उठाना चाहिए और अपने लिए अच्छी चीज लानी चाहिए।
मेगापिक्सेल क्या होता है?
मेगापिक्सेल दो शब्दों को जोड़ कर बनाया गया एक शब्द है- मेगा $ पिक्सेल।
डमहं जिसे ड से भी क्मदवजम किया जाता है, का मतलब होता है 1 डपससपवद यानी 10 लाख इसलिए 1 डमहंचपगमस का मतलब हुआ 10 लाख पिक्सेल। इसी प्रकार 2 डमहंचपगस का मतलब होता है 20 लाख पिक्सेल्स।
किसी भी स्मार्टफोन के कैमरा फीचर्स बताते समय मेगापिक्सेल के बारे में जरूर बोला जाता है। किसी फोन में मेगापिक्सेल के तौर पर ही उसका रेजोल्यूशन मापा जाता है। उदाहरण के लिए यदि किसी फोन का कैमरा 12 मेगापिक्सेल है तो उससे बनने वाली इमेज में कुल 12 मिलियन यानी 12,000,000 (1 करोड़ 20 लाख) पिक्सेल होंगे।
पिक्सेल्स ेुनंतम में होते हैं और एक ग्रिड बनाते हैं, 1 मेगापिक्सेल कैमरा लगभग 1200 पिक्सेल चैड़ाई और 900 पिक्सेल ऊंचाई के साथ इमेज बनाता है।
जितना अधिक मेगापिक्सेल होगा वीडियो या फोटो की ्रववउपदह या बतवचचपदह उतनी ही बेहतर होगी। उदाहरण के लिए, कुछ बिना वचजपबंस ्रववउ समदे वाले कैमरा फोन भी ऐसे होते हैं जिनमें फोटो जूम करने पर ुनंसपजल में कोई कमी नहीं आती, क्योंकि इनमें अधिक मेगापिक्सेल वाला कैमरा लगा होता है।
अधिक उमहंचपगमस के साथ फोटो अधिक डिटेल में पदवितउंजपवद प्रदान करती है लेकिन फाइल साइज बढ़ जाता है इसलिए इसे जतंदेमित या ेमदक करने के दौरान अधिक समय लगता है और अधिक ेजवतंहम भी घेरती है।
रेजोल्यूशन क्या होता है? –
रेजोल्यूशन का मतलब होता है एक इंच के अंदर पिक्सेल की संख्या कितनी है।
भ्पहीमत रेजोल्यूशन का मतलब होता है। एक इंच के अंदर अधिक पिक्सेल यानी अधिक च्च्प् जिससे हमें अधिक पिक्सेल पदवितउंजपवद मिलती है जो एक उच्च क्वालिटी की इमेज प्रदान करता है।
कम रेजोल्यूशन वाली इमेज के अंदर कम पिक्सेल होते हैं और यदि ये पिक्सेल अधिक बड़े होते हैं तो इमेज ेजतमजबी करने पर यह थोड़ी अस्पष्ट दिखाई पड़ती है।
यहां हम रेजोल्यूशन को कुछ इस प्रकार लिख सकते हैंः रेजोल्यूशन = 8ग्8 = 64 पिक्सेल।
क्या अधिक मेगापिक्सेल से अधिक बेहतर फोटो मिलती है? –
एक बेहतर फोटो क्वालिटी के लिए केवल अधिक मेगापिक्सेल ही नहीं, बल्कि साथ में अच्छी ुनंसपजल के समदेमे और ेमदेवत का होना भी जरूरी है इसलिए जब भी कैमरा या स्मार्टफोन खरीदें तो मेगापिक्सेल की बजाय कैमरा के समदेमे और ेमदेवत पर अधिक फोकस करें।
अधिक मेगापिक्सेल से मिलने वाले ंकअंदजंहमे कुछ इस प्रकार हैं –
- फोटो को अधिर्क ववउ किया जा सकता है –
यदि आपके कैमरा या मोबाइल कैमरा में अधिक मेगापिक्सेल हैं तो आपके डिजिटल जूम करने पर भी इमेज की क्वालिटी बरकरार रहेगी। जब कम मेगापिक्सेल वाले कैमरा में आप फोटो को ्रववउ करते हैं तो पिक्सेल फटने लगते हैं इसलिए जितना अधिक मेगापिक्सेल होगा फोटो जूम करने पर उतनी ही अधिक साफ दिखाई देगी। - बेहतर फोटो एडिटिंग की जा सकती है –
जब भी फोटो एडिटिंग की जाती है तब अक्सर इमेज को बतवच करना पड़ता है। ऐसे में अगर इमेज के अंदर मेगापिक्सेल कम हैं तो बतवच करने पर पिक्सेल फटे हुए प्रतीत होंगे जबकि अधिक मेगापिक्सेल होने पर चीवजव को उच्च गुणवत्ता के साथ क्राॅप किया जा सकता है। - बड़े प्रिंट्स के साथ अच्छी तस्वीर निकाल सकते हैं –
अधिक मेगापिक्सेल का तीसरा सबसे बड़ा फायदा आप अच्छी क्वालिटी के साथ बड़े साइज की तस्वीर के प्रिंट निकाल सकते हैं। यदि आप फोटोग्राफर हैं, या मीडिया या एडवरटाइजिंग के लिए काम करते हैं तो आपको बड़े प्रिंट्स निकालने की जरूरत होती है।
मानव आंखें कितने मेगापिक्सेल की होती हैं?
एक महान फोटोग्राफर और वैज्ञानिक क्तण् त्वहमत ब्संता के अनुसार मानव नेत्रा में कुल 576 मेगापिक्सेल होते हैं। यदि हम इसकी तुलना किसी 64 मेगापिक्सेल या 108 मेगापिक्सेल वाले उवइपसम बंउमतं के साथ करते हैं तो निश्चित तौर पर यह एक बहुत बड़ी संख्या है।
शामभवी